कोलारस। नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों के निर्माण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कोलारस बाईपास रोड स्थित व अनाज मंडी के पीछे का है, जहां बिना वैधानिक अनुमति के कॉलोनी विकसित किए जाने की चर्चा जोरों पर है। हैरानी की बात यह है कि जिले के कलेक्टर अर्पित वर्मा द्वारा बिना अनुमति कॉलोनी निर्माण पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद ऐसे निर्माण कार्य लगातार जारी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास क्षेत्र में कृषि भूमि को छोटे-छोटे प्लॉटों में विभाजित कर बेचे जाने की तैयारियां की जा रही हैं। क्षेत्र में सड़क निर्माण, प्लॉट चिन्हांकन और अन्य विकास कार्य भी देखे जा सकते हैं, जबकि संबंधित विभागों से अनुमति मिलने की कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
नगर में जगह-जगह अवैध कॉलोनियों के विकसित होने से यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर प्रशासनिक अमला और संबंधित विभाग इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं। जब जिला प्रशासन अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए लगातार निर्देश जारी कर रहा है, तब भी ऐसे निर्माण कार्यों का जारी रहना कई सवालों को जन्म देता है।
नियमों के अनुसार किसी भी कॉलोनी को विकसित करने से पहले संबंधित विभागों से अनुमति लेना आवश्यक होता है। इसके बिना प्लॉटिंग और बिक्री करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। इसके बावजूद यदि अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होना भी जरूरी है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कोलारस बाईपास क्षेत्र सहित नगर में संचालित सभी कॉलोनी निर्माण कार्यों की जांच कराई जाए तथा नियम विरुद्ध पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आम नागरिकों को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जनता का सवाल
जब कलेक्टर के आदेश स्पष्ट हैं, तो फिर कोलारस में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी किसे संरक्षण दे रही है?